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श्री एन.डी.निम्बावत, एडवोकेट
मेरा शहर मेरी शान मेरा समाज मेरी पहचान
2011-04-23
डा.धनदास वैष्णव
वैष्णव समाज संस्थान, जोधपुर के बढ़ते कदम
2011-04-23
गौरव निम्बाव, एडवोकेट
युवा, समाज की रीढ़ की हड्डी
2011-04-23
एन.डी.निम्बावत ‘‘सागर‘‘
कुदरत ने दिया जो.............
2012-02-28
प्रमोद रामावत (प्रमोद)
मैं कोई सूरज नहीं पर हूँ अंधेरों के खिलाफ
2012-06-10

युवा, समाज की रीढ़ की हड्डी

          इतिहास गवाह है कि किसी भी गांव, कस्बे, शहर , राज्य या देश के विकास में युवाओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा है यही कारण है कि विकासशील देशों की होड़ में भारत देश सबसे आगे है क्योंकि पूरे विश्व का अध्ययन किया जाये तो सबसे अधिक युवा भारत में और इसी कारण भारत विश्व शक्ति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन पाया है विश्व का सबसे शक्तिशाली देश अमेरीका की चिन्ता का कारण भी यही है कि वहां युवाओं की कभी हैं वहां ज्यादाद तर दुसरे शहर के युवा रहते और कार्य करते है और उन युवाओं में सबसे अधिक संख्या भारत के युवाओं की है अमेरीका व पूरा विश्व इस बात को भली भाति रूप से जानता है कि बिना युवाओं के किसी मंजिल को पाना बहुत ही कठिन है ।
          इतिहास में भी युवाओं को बहुत ही शक्तिशाली व योग्य माना है तभी तो मुगल शासन काल में बाल्यावस्था में ही जलालुद्दीन को दिल्ली की गद्दी पर बैठा दिया था और उनके जजबे व हिम्मत ने अपने युवा अवस्था में युद्व व साहस से पुरे भारत पर राज किया और जलालुदद्ीन मोहम्मद अकबर के नाम से प्रसिद्व हुए जब युवाओं की बात होती है तो स्वामी विवेकानन्दी का नाम नहीं भुलाया जा सकता क्योंकि उनके विचार, कार्य एवु सुदुढ़ इरादों ने भारत को एक नई राह दिखाई है और उनके विचारों, सिद्वान्तों पर आज भी अमल कर समाज को विकसित किया जा रहा है युवाओं के योगदान की बात जितनी भी की जाये वो कम है, भारत की आजादी में भी युवाओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा है शहीद भगतसिंह, राजगुरू व सुखदेव के बलिदान को नहीं भुलाया हा सकता, मात्र 23 वर्ष के जीवन काल में भगतसिंह ने अनेकों पुस्तकों का लेखन किया बल्कि आजादी के खातिर अपनी जवानी को देश के पीछे न्यौछावर कर दिया और ऐसे सहास भरे कार्य में उनका साथ दिया राजगुरू व सुखदेव ने, उनके हौसले व शक्ति ने अग्रेजों की नींव को हीला कर रख दिया तभी तो अग्रंेजों ने इन तीनों को छुपके से एक दिन पहले फांसी लगा दी वे तीनों तो शहीद हो गये परन्तु उनके कार्यो, विचारों एवं सिद्वान्तों को आज भी याद किया जाता है ।
          मुझे इस बात का गर्व है कि मैं एक युवा हूँ तथा समाज के उत्थान में अपनी भागीदारी निभा रहा हूँ, मैं राजस्थान राज्य के दुसरे बड़े शहर जोधाणा (जोधपुर) का जाया जन्मा हूँ और जब जोधाणा की बात हो और सिंहो के सिंह राजा गजसिंह जी साहब की बात न हो तो शोभा नहीं देती है मैं उस शक्स की बात कर रहा जिनका मात्र 4 वर्ष की उम्र राज तिलक कर जोधाणा की गद्दी पर बैढ़ा दिया, उस उम्र में जहां बच्चे खिलौने से खेलते है, उस वक्त उनके हाथ में उनकी लम्बाई जितनी तलवार थी फिर भी वे नहीं घबराये और आने वाली चुनौतियों का सामना किया यहीं कारण है कि आज भी जोधपुर शहर के लोगों में उनकी इज्जत एक राजा के समान है ।
          मैं ये सारी बाते इसलिए बता रहा हूँ कि किसी भी संगठन या संस्था को सही रूप से चलाने के लिए युवाओं का महत्वपूर्ण योगदान रहता है किसी भी संगठन या संस्था में युवा शरीर में रीढ़ की हड्डी के समान है जिस प्रकार बिना रीढ़ की हड्डी के शरीर सही तरीके से खड़ा भी नहीं हो सकता उसी प्रकार बिना युवाओं के किसी भी संगठन / कार्यक्रम को सही तरीके से संचालित नहीं किया जा सकता । वैष्णव समाज के युवाओं ने हमेशा से समाज के सभी कार्यो में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है चाहे वे महाअधिवेशन हो या राज्य अथवा जिला स्तरीय अधिवेशन या फिर स्थानीय आयोजन ।
          वैष्णव समाज संस्थान, जोधपुर द्वारा पीछले 2 वर्षो के अपने कार्यकाल में कई आयोजन किये जिनमें स्नेह मिलन 2009, विशिष्ट आम सभा एवं सामुहिक विवाह 2010 मुख्य है, इन सभी कार्यक्रम को सफलता पूर्वक सम्पन्न होने में वैष्णव समाज के युवाओं का महत्वूर्ण योगदान रहा, जिसके लिए मैं वैष्णव समाज संस्थान, जोधपुर की ओर से सभी युवाओं का हदय से आभार व्यक्त करता हूँ और आशा करता हूँ कि भविष्य मैं भी होने वाले कार्यक्रर्म में सभी युवाओं का इसी प्रकार साथ रहेगा, साथ ही मैं पुरे वैष्णव समाज का भी आभार प्रकट करता हूँ कि उन्होंने मुझे इस स्मारिका के प्रबन्धन कार्य सौपा, जिसे निभाने की मैंने भरपूर कोशिश की फिर भी यदि मेरे द्वारा कोई गलती या चुक हुई हो तो मैं सभी से क्षमा याचना करता हूँ और युवाओं से अपील करता हूँ कि वे समाज के कार्यो में अधिकाधिक भाग लेकर अपने समाज व देश का नाम रोशन करेें ।


जय युवा, जय भारत ।।
          गर्व से कहो हम वैष्णव है ।

गौरव निम्बाव, एडवोकेट


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